चंद्रमा (प्रतीक: ; Moon) एगो आकासी पिंड हवे जे पृथिवी के चक्कर लगावे ला आ एकर परमानेंट आ प्राकृतिक उपग्रह हवे। हमनी के सौर मंडल में ई साइज के हिसाब से पाँचवाँ सभसे बड़हन प्राकृतिक उपग्रह हवे; अपना मूल ग्रह (प्राइमरी, मने उपग्रह जवना पिंड के चक्कर लगावत होखे) के साइज के अनुपात में देखल जाय तब ई सभसे बड़ उपग्रह हवे आ बृहस्पति के उपग्रह आयो के बाद दुसरा नंबर के सभसे अधिका घनत्व वाला उपग्रह हवे।
चाँद के अल्बेडो आ सच्चा रंग
चाँद के रूप ओकरा परावर्तन क्षमता आ सतह के बनावट पर निर्भर करे ला। चाँद के अल्बेडो करीब 0.12 बा, जे घिसल डामर सड़क जइसन होला। एहसे ऊ रात में बहुत चमकीला लागे ला, बाकिर असल में ऊ थोड़ा गहिरा रंग के होला। ई कम अल्बेडो चाँद के रेगोलिथ नाम के बारीक पत्थर वाला परत से होला, जे उल्का गिरला से बनल बा। रेगोलिथ में उजाला के बिखराव से ‘ऑपोजिशन सर्ज’ नाम के असर होखे ला, जेकरा चलते पूनम के चाँद आधा चाँद के मुकाबले बहुत चमकीला लागे ला।
अगर वायुमंडल के असर ना होखे त चाँद के असली रंग फीका भूरा-धूसर होला। ई रंग रेगोलिथ में रहेला सिलिकेट खनिज से बनेला। चाँद के गहिरा हिस्सा (मारे) पुरान ज्वालामुखी लावा से बनल बा, जेमें लोहा आ टाइटेनियम जादा मात्रा में रहेला, एहसे ऊ गहिरा रंग के लागे ला। जबकि ऊपरी इलाका (हाइलैंड्स) फेल्डस्पार से भरल रहेला आ ऊ हल्का रंग के लागे ला। धरती से देखे पर वायुमंडल के असर से चाँद के रंग बदल सके ला चंद्रग्रहण में ऊ लाल लागे ला, आ कुछ बेरा ज्वालामुखी धूल के चलते नीला भी लाग सके ला।
चाँद में ‘रेट्रो-रिफ्लेक्शन’ के गुण भी रहेला, जेकरा चलते ऊ रोशनी के उहे दिशा में परावर्तित करेला जिधर से ऊ आइल होखे। एहसे ओकरा पूरा सतह पर बराबर उजाला लागे ला आ किनारा अँधेरा ना लागे। चाँद के आकार आ चमक ओकर दीर्घवृत्ताकार कक्षा के चलते बदलत रहेला। जब ऊ धरती के सबसे नजदीक होखे ला (पेरिजी), तब ऊ करीब 30% जादा चमकीला आ 14% बड़ा लागे ला। एह घटना के ‘सुपरमून’ कहल जाला।
कई बेर चाँद लाल या नीला लागे ला। चंद्रग्रहण के समय धरती के वायुमंडल से टेढ़ा होकर गुजरे वाला सूरज के लाल रोशनी चाँद पर पड़े ला, जेकरा चलते ऊ लाल लागे ला। एहसे अइसन ग्रहण के ‘ब्लड मून’ कहल जाला। जब चाँद क्षितिज के नजदीक होखे आ मोटा वायुमंडल से देखल जाला, तबो ऊ लाल लाग सके ला।
कभी-कभी चाँद नीला लागे ला जब हवा में कुछ खास कण, जइसन कि ज्वालामुखी के धूल, रहेला। तब ओकरा के ‘ब्लू मून’ कहल जाला।
‘रेड मून’ आ ‘ब्लू मून’ शब्द कई बेर साल के कुछ खास पूनम खातिर इस्तेमाल होखे ला, एहसे ई हर बेर चाँद के सच्चा लाल या नीला रंग ना दर्शावेला।
