समष्टि (Population) प्रकृति में एक ही प्रजाति के उन व्यक्तिगत जीवों का समूह है, जो किसी एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में एक साथ रहते हैं, समान संसाधनों का साझा या उनके लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, और आपस में अंतःप्रजनन कर सकते हैं। पारिस्थितिकी में समष्टि का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वह स्तर है जहाँ पर्यावरण, आनुवंशिकी और विकास आपस में जुड़ते हैं।
समष्टि के गुण
एकल जीव के विपरीत, एक समष्टि में कुछ विशिष्ट गुण होते हैं। इनमें जन्म दर और मृत्यु दर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, समष्टि में एक लिंग अनुपात होता है, जैसे प्रति हजार नरों पर मादाओं की संख्या। पारिस्थितिकी में यह भी देखा गया है कि जीवों के शरीर का आकार बढ़ने पर प्रायः उनका समष्टि घनत्व कम हो जाता है। समष्टि में विभिन्न आयु वर्गों (पूर्व-प्रजननीय, प्रजननीय और पश्च-प्रजननीय) का प्रतिशत वितरण एक ग्राफ़िक संरचना बनाता है, जिसे आयु पिरामिड कहते हैं। आयु पिरामिड का आकार यह दर्शाता है कि समष्टि तेजी से बढ़ रही है, स्थिर है, या घट रही है।
समष्टि वृद्धि और मॉडल
किसी भी समष्टि का आकार स्थिर नहीं रहता। यह मुख्य रूप से चार कारकों पर निर्भर करता है: जन्म दर (B), मृत्यु दर (D), आप्रवासन (I) और उत्प्रवासन (E)। अगले समय (t+1) पर समष्टि घनत्व (N) की गणना का सूत्र हैं |
संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर वृद्धि के दो मुख्य गणितीय मॉडल हैं:
- चरघातांकी वृद्धि: जब संसाधन असीमित होते हैं, तो समष्टि अपनी अधिकतम जैविक क्षमता से बढ़ती है और 'J-आकार' का वक्र बनाती है। इसका समीकरण
है।
- संभार तंत्र वृद्धि: प्रकृति में संसाधन सीमित होते हैं, जिससे समष्टि अपनी 'वहन क्षमता' (K) तक ही बढ़ सकती है। यदि पर्यावरण में किसी प्रमुख खाद्य स्रोत या संसाधन में कमी आती है, तो आवास की वहन क्षमता घट जाती है और परिणामस्वरूप समष्टि का आकार भी कम हो जाता है। यह 'S-आकार' (सिग्मॉइड) का वक्र बनाता है। इसे 'वेरहुल्स्ट-पर्ल संभार तंत्र वृद्धि' भी कहा जाता है। इसका समीकरण
है।
समष्टि पारस्परिक क्रियाएँ
प्रकृति में कोई भी समष्टि बिल्कुल अलग-थलग नहीं रह सकती; वे अन्य प्रजातियों के साथ जैविक अंतःक्रियाएँ करती हैं। ये क्रियाएँ निम्नलिखित हैं:
- सहोपकारिता: दोनों प्रजातियों को लाभ।
- स्पर्धा: दोनों प्रजातियों को हानि।
- परभक्षण और परजीविता: एक को लाभ और दूसरे को हानि।
- सहभोजिता: एक को लाभ, दूसरा अप्रभावित।
- अंतरजातीय परजीविता: एक को हानि, दूसरा अप्रभावित।
विस्तृत पठन
- Hopfenberg, Russell (2014). "An expansion of the demographic transition model: the dynamic link between agricultural productivity and population" (PDF). Biodiversity. 15 (4): 246–254.
