योनिया (प्राचीन यूनानी: Ἰωνῐ́ᾱ) एक एतिहासिक क्षेत्र है, जो अनातोलिया के पश्चिमी तट का मध्य भाग है। यह एक यूनानी बस्ती होती थी। इसका नाम योनी लोग से आता है, जो वहाँ बसे थें।
योनिया में स्थित कियोस एवं सामोस के द्वीपसमूह तथा फ़ोसिया के उत्तर, हर्मस नदी के मुख के निकट से दक्षिण में मिलेटस तक मियैंडर नदी के मुख के निकट एक सँकड़ी तटीय पट्टी होती थी। इसके उत्तर में इयोलिस, पूर्व में लीडिया और दक्षिण में कैरिया स्थित थें।
योनी शहरों को अपने रहस्यवादी नातेदारी परंपराओं और योनी उपभाषा के प्रयोग से पहचाने जाते थें, किन्तु बारह शहरों थें जिन्होंने योनी लीग को स्थापित किया तथा पानियोनियोन में उनके अभयारण्य एवं त्योहार समान थें। यह बारह शहर थें: मिलेतुस, मूस, प्रेने, एफ़ेसोस, कोलोफोन, लेबेदोस, तेओस, एरुथ्रे, क्लाज़ोमेने और फ़ोसिया के साथ सामोस एवं कियोस के द्वीपसमूह। स्मिर्ना, जो पहले इयोलिस का भाग होता था, पर कोलोफ़ोन के यवनों द्वारा क़ब्ज़ा हुआ जिसके बाद वह एक योनी शहर बना।
योनी विचारधारा 6वीं शताब्दी ई.पू. को मिलेटस में शुरू हुआ। यह प्राकृतिक परिघटनाएँ और ब्रह्मांड की विवेकी व्याख्या पर आधारित था, जो बाद में पाश्चात्य दर्शन को प्रेरित किया।
